सूरत से पैदल ही नाप ली 1066 किलोमीटर की दूरी

बांदा। लॉकडाउन के चलते सूरत की फैक्ट्री से निकाल दिए गए दम्पति ने 1066 किलोमीटर की दूरी पैदल नाप ली। दो साल के बेटे और सात माह की गर्भवती पत्नी के साथ सात दिन सड़के और रेल पटरियां लांघने के बाद यह दम्पति मंगलवार सुबह बांदा पहुंचा। ट्रामा सेन्टर में जांच पड़ताल कर दम्पति को एम्बुलेंस के जरिए उनके गांव भेज दिया गया। यहां 14 दिन तक यह दम्पति अपने घर में एकांत में रहेगा। मामला कमासिन थाना क्षेत्र के भदावल गांव का है। यहां रहने वाला दम्पति सूरत की एक मिल में मजदूरी करता था। पत्नी सात माह की गर्भवती थी। दो साल का मासूम बेटा भी गोद में था। इसी दौरान देश भर में लॉकडाउन की घोषणा हो गई। लॉकडाउन होते ही दम्पति फैक्ट्री मालिक ने मजदूरों को बगैर पगार दिए फैक्ट्री से निकाल दिया। इस दम्पति के सामने अपने गांव पहुंचने की मजबूरी थी। वापसी का साधन न होने के बावजूद दम्पति ने हार नहीं मानी। 1066 किलोमीटर लम्बा सफर पैदल करने की ठान ली और यह दम्पति सूरत से निकल पड़ा। रेल पटरी को गाइड मानकर यह दम्पति लगातार पटरियां नापता रहा। दो साल के बच्चे को गोद में कभी मां चलती तो कभी पिता। बताते हैं कि सफर के दौरान इस दम्पति ने कई बार मदद के लिये एम्बुलेंस को भी फेन किया लेकिन मदद नहीं मिली। हालांकि सफर के दौरान रास्ते में जो गांव मिले वहां गांव वालों ने दम्पति और उसके बच्चे को पानी और गुड़ खिलाया। का सफर पैदल साल की वान ली